रहस्यमय टाइकून द्वारा बिगाड़ी गई

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अध्याय 105

यह सुनते ही आइरीन जैसे झटके से होश में लौट आई—इतनी दंग कि बहस करने की भी ताक़त नहीं बची।

‘विदेश? मैं तो अपना खयाल तक नहीं रख पाती, और मुझे किसी दूसरी भाषा का भी ज्ञान नहीं। मैं वहाँ जीऊँगी कैसे?’ आइरीन ने मन ही मन सोचा।

“दादी, मैं नहीं जाना चाहती।”

“ये बात अपने पिता से कहो,” ब्रायर ने हाथ हिला कर...

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